4 Responses

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    RAMESH January 27, 2011 at 10:37 AM |

    Sir,
    You are right, action should be taken by DPR against such type of articles or publication.
    UK public are very holey, honest, emotional, hardworker, so such types of publication should be banned.

    Ramesh

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    Prem Arora January 27, 2011 at 7:39 PM |

    पर्वत्त जन ने भी एक बार मुख पृष्ठ पर पूर्व मुख्मंत्री नारायण दत्त तिवारी की नगन तस्वीरें छपी थी बेशक आलोचना जम कर हुई पर वोह एक गर्म मुदा था पर उत्तराखंड के नाम पर अनेक पत्रिकएँ बाज़ार में भरी पड़ी हैं संचार पत्र भी. जगमोहन दा आपने तो कहा की इस पर रोक लगनी चाहिए मेरा मानना तो यह है की रजिस्ट्रार ऑफ़ न्यूज़ पेपर को चाहिए के जिस वियक्ति को वोह टाईटल दे रहें हैं क्या वोह उसके काबिल भी है . मेरा मानना है की टाईटल देने से पहले एक परीक्षा जरूर होनी चाहिए. समाचार पत्र और पत्रिकाएं छापना धंदा बन गया है. आज उत्तराखंड में आप जनता कम है और पत्रकार बहुत ज्यादा हो गए हैं. सिस्टम तो बदलना ही पड़ेगा

    प्रेम अरोड़ा
    काशीपुर
    9012043100

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      madan bisht May 16, 2012 at 8:37 PM |

      Dear Sir,
      You are right, in ramnagar I saw mani same case.

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    vasudev dhoundiyal September 4, 2012 at 9:57 AM |

    Samachar patra prakashan koi majak nahi hai loktantra ka choutha stambh kahe jaane wale eske aadhar ko kuch blackmailro ne ese swarth siddhi ka jariya bana liya hai so aane wale waqt me ye unko kitna bhaari padega iska andaja lagana unke liye asambhav hai

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