मान्यता विहीन इंजीनियरिंग कॉलेज !

सुशील खत्री

seemant-engg-collegeसीमांत इंजीनियरिंग कालेज, पिथौरागढ़ की अभी तक एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त न होने की बात का खुलासा होने के बाद से वहाँ के विद्यार्थियों को अपना भविष्य अनिश्चित लगने लगा है। छात्र-छात्राओं ने अपना विरोध मुखर कर दिया है। तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने यह कहते हुए कक्षाओं में जाने से इंकार कर दिया है कि जब तक निदेशक मान्यता का लिखित आश्वासन नहीं देते वे बहिष्कार जारी रखेंगे। उनका कहना है कि मान्यता न होने से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओें के फार्म भरने में समस्या आ रही है। वे कालेज की आगामी परीक्षाओं के लिये परीक्षा फार्म भरने के लिए भी राजी नहीं हो रहे हैं। विद्यार्थियों ने कालेज प्रशासन पर यह आरोप भी लगाया है कि उन्हें शुल्क के अनुरूप सुविधाएँ नहीं दी जा रही हैं, एजुकेशनल लोन एवं छात्रवृत्ति लेने में काफी समस्या आ रही है तथा सूचना माँगने पर प्रताडि़त किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब तक कालेज की अपनी भूमि, लैब, कैम्पस नहीं होगा उसे मान्यता नहीं मिल सकती है।

मान्यता की माँग को लेकर छात्र-छात्राओं ने स्थानीय विधायक मयूख महर के माध्यम से मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को ज्ञापन भेजा और धरना तक दे डाला, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अब वे देहरादून जाकर धरना-प्रदर्शन करने के बारे में सोच रहे हैं। कालेज के निदेशक वी. के. सिंह का कहना है कि सीमांत इंजीनियरिंग कालेज राज्य सरकार द्वारा संचालित है और उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध है। विद्यार्थियों को मिलने वाली डिग्री विश्वविद्यालय की होगी संस्थान की नहीं। उन्होंने बताया कि कालेज के लिए 10 एकड़ भूमि का चयन हो चुका हैं और भवन निर्माण के लिए 20 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है।

Leave a Reply