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    राजेश जोशी January 12, 2010 at 8:00 PM |

    आज अधिकतर मिडिया जगत समाजसेवा की बजाय व्यापार हो गया है, हमारे ज्यादातर पत्रकार बन्धु पत्रकारिता की बजाय मालिकों की नौकरियां कर रहे हैं। और अपने इन मालिकों के लिए हर किसी को ब्रेकिंग न्यूज और एक्सक्लुसिव फ़ोटो चाहिये। भावनाऎं इस कदर मर गयी हैं कि टी०वी० चैनल के छायाकार के लिए अपने को आग लगाता और रोड पर पड़ा अधमरा पुलिस का दरोगा केवल एक फ़ोटो है। उपर से वह चैनल नेताओं और समाज के और तबको को नैतिकता की दुहाई दे रहा है। ऐसे में अगर ये मिडिया के मालिक अपने इन नौकरों के साथ ऐसा कर रहे हैं तो ये व्यवसायिक मजबूरी है।

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