One Response

Page 1 of 1
  1. avatar
    हेम पन्त April 28, 2010 at 12:14 PM |

    विशुद्ध लोककलाकारों को मंच देने का महिला समाख्या का यह प्रयास अनुकरणीय है. कैसेटों और वीसीडी ने उत्तराखण्ड के युवाओं के दिमाग पर लोककला के प्रति कई भ्रांतियां पैदा कर दी हैं. ऐसे ही कार्यक्रमों का सिलसिला आगे बढता रहे यही कामना है…

    Reply

Leave a Reply

%d bloggers like this: