चिठ्ठी पत्री

Letter’s From Readers (पत्र पाठकों के)

चिट्ठी पत्री

चिट्ठी पत्री

चिठ्ठी पत्री 15 मई 2016 के अंक में गजेन्द्र नौटियाल का आलेख (सस्ता जहर, सुस्त जहर, खाने का कहर) मुझे प्रतिक्रिया देने को विवश कर गया। ‘बड़ी नाक, दावानल आग’ हर उस पहाड़वासी के दर्द को बयाँ करता है जो हर साल जेठ में धू-धू कर अपने जंगल को निःसहाय जलता देखता है। जंगल की […]

चिट्ठी -पत्री

प्रिय राजीव, नैनीताल समाचार का अड़तीसवाँ जनमबार अंक मिला। इसके उनतालीसवें वर्ष में प्रवेश करने पर इसे और नैनीताल समाचार परिवार को ढेर सारी बधाइयाँ। इसके लम्बे, सफल और उद्देश्यपूूर्ण जीवन की कामना करता हूँ। जहाँ यह अंक देख कर हर्ष हुआ वहीं तुम्हारा ’हमारा कालम’ पढ़ कर मुझे अपने ऊपर बडी ग्लानि भी इस […]

चिट्ठी-पत्री

स्वामी विवेकानन्द पर डाॅ. शमशेर सिंह बिष्ट जी के द्वारा लिखा आलेख आप द्वारा नैनीताल समाचार के 1 सितम्बर प्रथम अंक में प्रकाशित किये जाने पर मैं आपको हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ। इस माध्यम से आपके पत्र से भी मेरा परिचय हुआ जो मुझे काफी अच्छा लगा। मैं अपनी एक रचना व वार्षिक सहयोग […]