उमा भट्ट

अपने गाँवों को तुम जानो. 9 :मक्कूमठ

उमा भट्ट अआअ में बाकी सब बातें तो होती हैं पर थकान की बात करने की जैसे मनाही है। रात को अगर बैठक हो रही है तो जब तक सब बैठे हैं, आपको भी बैठना है। चलना है तो चलते रहो। सभा करनी है तो सबकी उपस्थिति जरूरी है। कोरस गाये जा रहे हैं तो […]

अपने गाँवों को तुम जानो-8…….. मण्डल घाटी के गाँव

उमा भट्ट गोपेश्वर से वैतरणी कुण्ड होते हुए उत्तर-पश्चिम की ओर जा़ने पर मण्डल घाटी शुरू हो जाती है। घाटी दरअसल बालखिला नदी की है। नदी यहाँ पर चढ़ाई से उतरती हुई सी प्रतीत होती है। मण्डल छोटा सा कस्बा है। उसके आगे पीछे के जिन गाँवों में हम गये, वे हैं वैरांगणा, बणद्वारा, कोटेश्वर […]

अपने गावों को तुम जानो: 7 जनजातीय गाँव सिरोखोमा

उमा भट्ट गोपेश्वर में कुछ नये यात्री हमारे दल में जुड़ गये- दिल्ली से शोध छात्रा रजनी, नैनीताल से पर्वतारोही-बैंककर्मी मनमोहन चिलवाल, देहरादून से पत्रकार शंकर सिंह भाटिया और स्टीफन फियोन उर्फ फ्यूंलीदास (सिनसिनाटी विश्वविद्यालय, अमेरिका में संगीत के प्रोफेसर)। फ्यूंलीदास ठेठ हिन्दी और गढ़वाली बोलते हैं और गढ़वाली गीत गाते हैं। कमल जोशी और […]