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    hempandey June 30, 2010 at 11:04 AM |

    ‘बजरंग दल के प्रान्तीय कार्यकारिणी के सदस्य अमित सजवाण का कहना है कि अन्य धर्मों के त्योहारों में जब पशुबलि होती है, तब ये संस्थायें क्यों मूक बनी रहती हैं ?’
    – यदि बजरंग दल हिन्दू मतावलंबियों का शुभचिंतक है तो उसे हिन्दुओं द्वारा अपनाई जा रही कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए आगे आना चाहिए. उत्तराँचल के पहाड़ों में आज भी अनेक मंदिरों में बलि दी जाती है, जिसे समाप्त कर उत्तरांचल वासी एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं.

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